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बाल समय रबि भक्षि लियो तब, तीनहुँ लोक भयो अँधियारो। ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो। देवन आनि करी बिनती तब, छाँड़ि दियो रबि कष्ट निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Bāla samaya rabi bhakshi liyo taba, tīnahu loka bhayo andhiyāro | Tāhi so trāsa bhayo jaga ko, yaha sankata kāhu so jāta na tāro | Devana āni karī binatī taba, chhāndi diyo rabi kashta nivāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
बचपन में आपने सूर्य को निगल लिया, जिससे तीनों लोकों में अँधेरा छा गया। सारा संसार भयभीत हो उठा और यह संकट किसी से दूर नहीं हो रहा था। तब देवताओं ने आकर विनती की, और आपने सूर्य को छोड़कर उनका कष्ट दूर किया। हे कपि, संसार में ऐसा कौन है जो आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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बालि की त्रास कपीस बसै गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो। चौंकि महा मुनि साप दियो तब, चाहिय कौन बिचार बिचारो। कै द्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Bāli kī trāsa Kapīsa basai giri, jāta mahāprabhu pantha nihāro | Chaunki mahā muni sāpa diyo taba, chāhiya kauna bichāra bichāro | Kai dvija rūpa livāya mahāprabhu, so tuma dāsa ke soka nivāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
बालि के भय से वानरराज सुग्रीव पर्वत पर रहते थे — वह पर्वत जहाँ महामुनि के शाप के कारण बालि नहीं आ सकता था — और वहाँ से आते हुए दो महाप्रभुओं को चिंतित होकर देख रहे थे। क्या किया जाए, यह विचारते हुए उन्होंने आपको भेजा; आपने ब्राह्मण का रूप धरकर प्रभु श्रीराम को उनसे मिलाया और अपने स्वामी का शोक दूर किया। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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अंगद के सँग लेन गये सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो। जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाए इहाँ पगु धारो। हेरि थके तट सिंधु सबै तब, लाय सिया-सुधि प्रान उबारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Angada ke sanga lena gaye Siya, khoja Kapīsa yaha baina uchāro | Jīvata nā bachihau hama so ju, binā sudhi lāe ihā pagu dhāro | Heri thake tata sindhu sabai taba, lāya Siyā-sudhi prāna ubāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
आप अंगद के साथ सीताजी की खोज में गए, तब सुग्रीव ने कहा था — जो सीता का समाचार लाए बिना यहाँ लौटेगा, वह मुझसे जीवित नहीं बचेगा। सब वानर खोजते-खोजते समुद्र-तट पर थककर हार गए, तब आपने सीताजी का पता लाकर सबके प्राण बचाए। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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रावन त्रास दई सिय को सब, राक्षसि सों कहि सोक निवारो। ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाय महा रजनीचर मारो। चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Rāvana trāsa daī Siya ko saba, rākshasi so kahi soka nivāro | Tāhi samaya Hanumāna mahāprabhu, jāya mahā rajanīchara māro | Chāhata Sīya asoka so āgi su, dai prabhu mudrikā soka nivāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
रावण ने सीताजी को भयभीत किया और सब राक्षसियों से कहा कि उनका (राम-वियोग का) शोक मिटाकर उन्हें मनाएँ। उसी समय आपने पहुँचकर बड़े-बड़े राक्षसों को मारा। जब सीताजी अशोक-वृक्ष से अग्नि माँगकर प्राण त्यागना चाहती थीं, तब आपने प्रभु की अँगूठी देकर उनका शोक दूर किया। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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बान लग्यो उर लछिमन के तब, प्रान तजे सुत रावन मारो। लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोन सु बीर उपारो। आनि सजीवन हाथ दई तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Bāna lagyo ura Lachhimana ke taba, prāna taje suta Rāvana māro | Lai griha baidya Sushena sameta, tabai giri Drona su bīra upāro | Āni sajīvana hātha daī taba, Lachhimana ke tuma prāna ubāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
रावण-पुत्र मेघनाद का बाण लक्ष्मण की छाती में लगा और वे प्राण-संकट में पड़ गए। तब आप वैद्य सुषेण को उनके घर सहित उठा लाए, और फिर, हे वीर, द्रोणगिरि पर्वत ही उखाड़ लाए। संजीवनी लाकर (सुषेण के) हाथ में दी और लक्ष्मण के प्राण बचाए। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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रावन जुद्ध अजान कियो तब, नाग कि फाँस सबै सिर डारो। श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो। आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Rāvana juddha ajāna kiyo taba, nāga ki phānsa sabai sira dāro | Shrī Raghunātha sameta sabai dala, moha bhayo yaha sankata bhāro | Āni Khagesa tabai Hanumāna ju, bandhana kāti sutrāsa nivāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
रावण के पक्ष ने युद्ध में छल से सब पर नागपाश डाल दिया। श्रीरघुनाथ सहित सारी सेना मूर्छित हो गई — यह भारी संकट था। तब हनुमान जी, आप पक्षिराज गरुड़ को ले आए, जिन्होंने बंधन काटकर भय दूर किया। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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बंधु समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो। देबिहिं पूजि भली बिधि सों बलि, देउ सबै मिलि मंत्र बिचारो। जाय सहाय भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत सँहारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Bandhu sameta jabai Ahirāvana, lai Raghunātha patāla sidhāro | Debihi pūji bhalī bidhi so bali, deu sabai mili mantra bichāro | Jāya sahāya bhayo taba hī, Ahirāvana sainya sameta sanhāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
जब अहिरावण श्रीराम को उनके भाई लक्ष्मण सहित पाताल लोक ले गया, और सबने मिलकर विचार किया कि विधिपूर्वक देवी की पूजा करके उनकी बलि दी जाए, तब आप वहाँ जाकर सहायक बने और अहिरावण का उसकी सेना सहित संहार किया। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो। कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसों नहिं जात है टारो। बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होय हमारो। को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
Kāja kiye bada devana ke tuma, bīra mahāprabhu dekhi bichāro | Kauna so sankata mora garība ko, jo tumaso nahi jāta hai tāro | Begi haro Hanumāna mahāprabhu, jo kachhu sankata hoya hamāro | Ko nahi jānata hai jaga mē kapi, Sankatamochana nāma tihāro ||
हे वीर महाप्रभु, विचार कीजिए — आपने देवताओं के भी बड़े-बड़े कार्य किए हैं; फिर मुझ दीन का ऐसा कौन-सा संकट है जो आपसे दूर न हो सके? हे महाप्रभु हनुमान, हमारा जो भी संकट हो, उसे शीघ्र हर लीजिए। संसार में कौन आपका "संकटमोचन" नाम नहीं जानता?
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लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लँगूर। बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर॥
Lāla deha lālī lase, aru dhari lāla langūra | Bajra deha dānava dalana, jaya jaya jaya kapi sūra ||
लाल शरीर पर (सिंदूर की) लालिमा शोभित है और पूँछ भी लाल है; वज्र-समान देह वाले, दानवों का दलन करने वाले वीर कपि, आपकी जय हो, जय हो, जय हो!