श्रीराम

मर्यादा पुरुषोत्तम, विष्णु के सातवें अवतार

भगवान श्रीराम विष्णु के सातवें अवतार और रामायण के नायक हैं — अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र, जिन्हें धर्म, सत्य और मर्यादा के आदर्श के रूप में "मर्यादा पुरुषोत्तम" कहा जाता है।

श्रीराम की कथा

श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर हुआ; इसी तिथि को रामनवमी मनाई जाती है। लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न उनके भाई थे। ऋषि विश्वामित्र के साथ वन जाकर उन्होंने यज्ञों की रक्षा की, और मिथिला में राजा जनक की सभा में शिव-धनुष को तोड़कर सीता से विवाह किया। उनकी कथा का मूल स्रोत महर्षि वाल्मीकि की रामायण है, और गोस्वामी तुलसीदास की अवधी रचना रामचरितमानस ने इसे उत्तर भारत के घर-घर पहुँचाया। राज्याभिषेक से ठीक पहले रानी कैकेयी ने दशरथ से दो वर माँगे — भरत के लिए राज्य और राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास। पिता के वचन की रक्षा के लिए राम ने बिना किसी विरोध के वनवास स्वीकार किया; सीता और लक्ष्मण भी उनके साथ गए। भरत ने राज्य स्वीकार नहीं किया और राम की चरण-पादुकाएँ सिंहासन पर रखकर उनके प्रतिनिधि के रूप में शासन चलाया। वनवास के अंतिम वर्षों में लंका के राजा रावण ने सीता का हरण कर लिया। सीता की खोज में राम की मित्रता किष्किंधा के वानरराज सुग्रीव और उनके मंत्री हनुमान से हुई। हनुमान ने समुद्र लाँघकर अशोक वाटिका में सीता को खोजा, वानर सेना ने समुद्र पर सेतु बाँधा, और भीषण युद्ध में राम ने रावण का वध किया। विजय के बाद वे अयोध्या लौटे, जिस प्रसंग से दीपावली की परंपरा जुड़ी है, और उनके न्यायपूर्ण शासन को "रामराज्य" कहा गया। सीता से उनके जुड़वाँ पुत्र लव और कुश हुए। राम का जीवन पुत्र, भाई, पति, मित्र और राजा — हर भूमिका में धर्म-पालन का आदर्श माना जाता है। "श्री राम जय राम जय जय राम" और "राम" नाम का जप उनकी भक्ति के सबसे सरल साधन हैं, और राम रक्षा स्तोत्र उनकी प्रसिद्ध स्तुति है।

स्वरूप एवं प्रतीक

श्यामवर्ण, धनुष-बाण धारण किए, राजसी मुकुट और पीतांबर में — प्रायः सीता, लक्ष्मण और चरणों में बैठे हनुमान के साथ (राम दरबार)।

अन्य नाम

  • रघुनंदन
  • रघुपति
  • दाशरथि
  • सीतापति
  • कोसलेंद्र
  • रामचंद्र

श्रीराम की आरती, चालीसा, स्तोत्र एवं पर्व

स्तोत्र

त्योहार

सामान्य प्रश्न

रामनवमी कब मनाई जाती है?
रामनवमी श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है, जो प्रायः मार्च–अप्रैल में आती है।
श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम क्यों कहा जाता है?
"मर्यादा पुरुषोत्तम" का अर्थ है मर्यादा का पालन करने वालों में श्रेष्ठ पुरुष। राम ने हर परिस्थिति में धर्म और वचन का पालन किया, इसलिए वे आदर्श मानव के प्रतीक माने जाते हैं।
श्रीराम कितने वर्ष वनवास में रहे?
रानी कैकेयी के वर के कारण राम ने चौदह वर्ष का वनवास बिताया, जिसमें सीता और लक्ष्मण उनके साथ रहे।
रामायण किसने लिखी?
मूल संस्कृत रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने की। गोस्वामी तुलसीदास ने १६वीं सदी में अवधी में रामचरितमानस के रूप में राम-कथा कही।
श्रीराम के पुत्रों के नाम क्या हैं?
श्रीराम और सीता के जुड़वाँ पुत्र लव और कुश थे।