मंत्र
गायत्री और महामृत्युंजय मंत्र का संपूर्ण देवनागरी पाठ, सरल शब्दार्थ और स्रोत-संदर्भ पढ़ें। मंत्र के मूल वैदिक पद और सामान्य उपासना में जोड़े जाने वाले प्रारंभिक शब्द अलग पहचाने गए हैं।
नीचे मंत्र चुनें। पाठ के पृष्ठ पर रोमन उच्चारण, जुड़ा हुआ अर्थ और जाप का संदर्भ मिलता है। रोमन लिपि पढ़ने की सहायता है; वैदिक स्वर और विशेष अनुष्ठान के लिए अपनी परंपरा के योग्य शिक्षक से सीखें।
शिव
- महामृत्युंजय मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र ऋग्वेद 7.59.12 का त्र्यम्बक मंत्र है, जो रुद्र से जुड़ी शिव-उपासना में पढ़ा जाता है। इसमें पोषण देने वाले त्र्यम्बक की आराधना और मृत्यु के बंधन से मुक्ति, अमृत से अलग न होने की प्रार्थना है।
सूर्य देव
- गायत्री मंत्र
गायत्री मंत्र का मूल सावित्री पद ऋग्वेद 3.62.10 में है और सवितृ देवता को संबोधित करता है। मंत्र में उस वरणीय दिव्य तेज का ध्यान करके अपनी बुद्धियों को प्रेरित करने की प्रार्थना है; सामान्य पाठ में पहले ॐ भूर्भुवः स्वः जोड़ा जाता है।