सूर्य देव
प्रत्यक्ष देवता, जगत की आत्मा
सूर्य देव सूर्य के अधिष्ठाता देवता हैं — वेदों में पूजित वह "प्रत्यक्ष देवता" जो प्रकाश, ऊर्जा और जीवन के स्रोत हैं। वे नवग्रहों के प्रमुख हैं, रविवार उनका दिन है और प्रातः अर्घ्य उनकी पूजा का मुख्य अंग है।
सूर्य देव की कथा
सूर्य की उपासना हिंदू धर्म की सबसे प्राचीन परंपराओं में है। ऋग्वेद के अनेक सूक्त उदित होते सूर्य की स्तुति करते हैं, जो अंधकार को दूर करते हैं और समस्त जगत के कर्मों के साक्षी हैं। ऋग्वेद (३.६२.१०) का गायत्री मंत्र सवितृ — सूर्य के प्रेरक, प्राणदायी रूप — को समर्पित है, और ऋग्वेद उन्हें "जगत की आत्मा" कहता है। सूर्य महर्षि कश्यप और देवमाता अदिति के पुत्र हैं, इसलिए आदित्य कहलाते हैं। सूर्य की पत्नियाँ संज्ञा (सरण्यू) और छाया हैं। संज्ञा से यम, यमुना (यमी), वैवस्वत मनु और अश्विनीकुमार उत्पन्न हुए, तथा छाया से शनि और तपती। महाकाव्यों में भी उनकी संतानें प्रमुख हैं — महाभारत के दानवीर कर्ण और रामायण के वानरराज सुग्रीव सूर्य के पुत्र माने जाते हैं। वाल्मीकि रामायण के युद्धकांड में, रावण से अंतिम युद्ध से पहले महर्षि अगस्त्य ने श्रीराम को "आदित्य हृदय स्तोत्र" का उपदेश दिया, जिसके पाठ से राम ने विजय प्राप्त की। सूर्य देव सात घोड़ों वाले एक-चक्र रथ पर आकाश में विचरते हैं, जिसके सारथी अरुण (गरुड़ के भाई) हैं। ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर इसी रथ के रूप में बना है। मकर संक्रांति, पोंगल, रथ सप्तमी और छठ पूजा जैसे पर्व सूर्य को समर्पित हैं। प्रातः ताँबे के लोटे से जल का अर्घ्य देना, सूर्य नमस्कार, "ॐ सूर्याय नमः" या "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का जप और रविवार का व्रत उनकी उपासना के पारंपरिक रूप हैं।
स्वरूप एवं प्रतीक
तेजस्वी, स्वर्णिम आभा वाले, दोनों हाथों में कमल धारण किए, सात घोड़ों के रथ पर आरूढ़, जिसके सारथी अरुण हैं।
अन्य नाम
- आदित्य
- भास्कर
- दिवाकर
- रवि
- सविता
- दिनकर
- मार्तंड
सूर्य देव की आरती, चालीसा, स्तोत्र एवं पर्व
स्तोत्र
सामान्य प्रश्न
- सूर्य देव को जल (अर्घ्य) कैसे चढ़ाएँ?
- परंपरा के अनुसार स्नान के बाद प्रातः उगते सूर्य की ओर मुख करके ताँबे के लोटे से धीरे-धीरे जल अर्पित किया जाता है, साथ में "ॐ सूर्याय नमः" जैसे मंत्र का जप किया जाता है।
- सूर्य देव की पूजा किस दिन की जाती है?
- रविवार सूर्य देव का दिन है। रथ सप्तमी, मकर संक्रांति और छठ पूजा उनकी उपासना के प्रमुख पर्व हैं।
- सूर्य देव के रथ में कितने घोड़े हैं?
- सूर्य देव का रथ सात घोड़ों द्वारा खींचा जाता है, और उसके सारथी अरुण हैं।
- आदित्य हृदय स्तोत्र किसने किसको दिया?
- वाल्मीकि रामायण के युद्धकांड के अनुसार महर्षि अगस्त्य ने रावण से युद्ध से पहले श्रीराम को आदित्य हृदय स्तोत्र का उपदेश दिया था।
- सूर्य देव की संतानें कौन हैं?
- यम, यमुना, वैवस्वत मनु, अश्विनीकुमार, शनि और तपती सूर्य की संतानें हैं; कर्ण और सुग्रीव भी उनके पुत्र माने जाते हैं।